बलिया पुलिस ने गोतस्करों को किया गिरफ्तार, तीन गायों सहित दो वाहन बरामद
बलिया: जनपद बलिया में गोतस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना फेफना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक कृपा शंकर के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने तीन गोतस्करों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान दो वाहनों और तीन गायों को भी बरामद किया गया है।
पूरी घटना का विवरण:
20 फरवरी, 2025 को थाना फेफना पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ गोतस्कर दो पिकअप वाहनों में गायों को लादकर बिहार ले जा रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम थम्हनपुरा से हसनपुरा की ओर जाने वाले रास्ते पर संदिग्ध वाहनों का इंतजार किया। करीब 10:45 बजे दो संदिग्ध वाहन दिखाई दिए, जिन्हें रोकने का प्रयास किया गया। हालांकि, वाहनों के चालकों ने वाहन रोककर भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने हिकमत अमली का इस्तेमाल करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
1. बदरे आलम उर्फ राजा (21 वर्ष), पुत्र मो. हसनैन, निवासी सठियाव, थाना मुबारकपुर, जिला आजमगढ़।
2. प्रियांशु उर्फ राज रावत (18 वर्ष), पुत्र लाल बाबू रावत, निवासी चकरा, थाना हलधरपुर, जिला मऊ।
3. मोहित साहनी (18 वर्ष), पुत्र रामफल साहनी, निवासी इच्छा चौबे का पुरा, थाना नरही, जिला बलिया।
गिरफ्तार आरोपियों से बरामद विवरण
तीन गायें
एक टाटा मैजिक वाहन (नंबर: यूपी 60AT 7371)
एक बोलेरो पिकअप वाहन (नंबर: यूपी 54AT 2453)
1,500 रुपये नकद
कानूनी कार्रवाई:
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। बरामद वाहनों को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत जब्त कर लिया गया है। आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
आरोपियों को गिरफ्तार करने में लगी पुलिस टीम:
इस ऑपरेशन में शामिल पुलिस टीम में उपनिरीक्षक इस्तखार अहमद, उपनिरीक्षक शिवम कुमार वर्मा, कांस्टेबल मनेन्द्र यादव और कांस्टेबल आकाश कुमार शामिल थे।
पुलिस अधीक्षक का बयान:
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि जनपद में गोतस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गोतस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे अपराधियों को कानून के समक्ष लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
यह घटना बलिया पुलिस की सक्रियता और गोतस्करी रोकने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। गोतस्करी जैसे गंभीर अपराध को रोकने के लिए ऐसे ऑपरेशन न केवल अपराधियों के लिए चेतावनी हैं, बल्कि आम जनता में भी सुरक्षा की भावना पैदा करते हैं।
इस घटना से स्पष्ट है कि पुलिस की सतर्कता और सूचना तंत्र मजबूत होने से अपराधियों को पकड़ना आसान हो गया है। गोतस्करी जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सख्त कार्रवाई समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है।
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