Ballia में Lekhpal का रिश्वत खेल: किसान से 10,000 की मांग, सामाजिक कार्यकर्ता का बड़ा खुलासा!
Ballia : रसड़ा तहसील में हाल ही में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक किसान से कथित रूप से रिश्वत मांगे जाने का आरोप लगा है। इस घटना को उजागर करने में सामाजिक कार्यकर्ता गोस्वामी संजीव गिरी ने अहम भूमिका निभाई, जिन्होंने मृत किसान की महिला को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाई है।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के अनुसार, रसड़ा के एक लेखपाल पर आरोप है कि उन्होंने कृषि दुर्घटना बीमा के आवेदन को स्वीकृत करने के बदले किसान से 10,000 रुपये की मांग की।मृत किसान की महिला ने रिश्वत देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उसका आवेदन रोक दिया गया और उसे किसी भी तरह की सहायता नहीं मिली।
जब गोस्वामी संजीव गिरी ने इस मुद्दे को उठाया और जवाब मांगने पहुंचे, तो कथित रूप से लेखपाल ने सही जवाब देने के बजाय अभद्र व्यवहार किया। यह घटना सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें और अधिकारियों की मनमानी को दर्शाती है।
ईमानदारी की लड़ाई
गोस्वामी संजीव गिरी ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती और मृत किसान की महिला को न्याय नहीं मिलता, तब तक वह तहसील परिसर में धरना देंगे। उन्होंने आम जनता से भी इस लड़ाई में साथ देने की अपील की है ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत आवाज उठ सके।
प्रशासन की भूमिका और समाज की जिम्मेदारी
प्रशासन में कुछ लोग ईमानदार तो कुछ लोग बेईमानी कर प्रशासन को बदनाम करना चाहते हैं और इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सरकारी योजनाएं सच में जरूरतमंदों तक पहुंच रही हैं या फिर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं? किसान पहले से ही कई मुश्किलों का सामना कर रहे हैं, और यदि उन्हें सरकारी लाभ पाने के लिए रिश्वत देनी पड़े, तो यह व्यवस्था की नाकामी है।
बता दे कि गोस्वामी संजीव गिरी ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाया है ,जरूरत है कि प्रशासन इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई करे, ताकि आम लोगों का विश्वास बना रहे। साथ ही, समाज के हर व्यक्ति को भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए, क्योंकि यह लड़ाई सिर्फ एक किसान की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है।

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