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फेफना में सामुदायिक हिंसा: फेफना के पक्काकोट में हुए मारपीट पुलिस की कार्यवाही पर सवाल, पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद

फेफना के पक्काकोट में हुए मारपीट के हमलावरो को अभी तक पकड़ नही पायी बलिया की फेफना पुलिस 


यादव और मुस्लिम समुदाय के बीच विवाद, महिलाओं पर हमला, अभियुक्त अभी तक फरार  

प्रदेश न्यूज़: बलिया जिले के फेफना थाना क्षेत्र के पक्काकोट गाँव में यादव और मुस्लिम समुदाय के बीच हुई सामुदायिक हिंसा ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। इस घटना में यादव परिवार की महिलाओं के साथ मारपीट की गई, जिसमें एक लड़की गंभीर रूप से घायल हो गई। हालांकि, पीड़ित परिवार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभियुक्तों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।  

पूरी घटना का विवरण  

घटना तब हुई जब यादव परिवार के कुछ सदस्य किसी रिश्तेदार के दाह संस्कार के लिए गए हुए थे। इस दौरान घर में केवल महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए यादव परिवार के घर में घुसकर महिलाओं के साथ मारपीट की। एक लड़की को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि वह बेहोश हो गई। पीड़ित परिवार ने स्थानीय थाने में छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया, लेकिन अभियुक्त अभी तक फरार हैं।  

पुलिस की कार्यवाही पर सवाल  

पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है। पुलिस का कहना है कि दबिश के दौरान अभियुक्तों के घर तालाबंद मिले हैं, जबकि पीड़ित परिवार का दावा है कि अभियुक्त खुलेआम गाँव में घूम रहे हैं और पुलिस को गुमराह कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।  

राजनीतिक संरक्षण का आरोप  

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि मुस्लिम समुदाय के पास मजबूत वोट बैंक होने के कारण अभियुक्तों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। हालांकि, इस आरोप की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।  

नेताओं ने उठाई पीड़ितों की आवाज  

भाजपा के पूर्व विधायक और मंत्री उपेंद्र तिवारी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है और उनके इलाज की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा भी दिलाया है।  

फेफना की यह घटना सामुदायिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस की कार्यवाही और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों ने इस मामले को और जटिल बना दिया है। पीड़ित परिवार को न्याय मिले, यह सुनिश्चित करना स्थानीय प्रशासन और सरकार की जिम्मेदारी है।  

रिपोर्ट:पिन्टू तलवार


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